Mahanagar Gas Limited (MGL) और Fourth Partner Energy Pvt. Ltd. (FPEL) ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों को नवीकरणीय ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
28 मई 2026 को मुंबई में हुए इस समझौते का उद्देश्य MGL के भौगोलिक क्षेत्रों में स्वच्छ, टिकाऊ और कम कार्बन ऊर्जा समाधान विकसित करना है।
दोनों कंपनियां मिलकर तलाशेंगी रिन्यूएबल एनर्जी अवसर
इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां संयुक्त रूप से रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन और सप्लाई के अवसरों का आकलन करेंगी। इसका मुख्य फोकस व्यवसायिक और औद्योगिक ग्राहकों की बदलती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना होगा।
MoU के प्रमुख उद्देश्य
- कमर्शियल एवं इंडस्ट्रियल ग्राहकों को स्वच्छ ऊर्जा समाधान
- रिन्यूएबल एनर्जी जनरेशन प्रोजेक्ट्स का विकास
- लो-कार्बन ऊर्जा विकल्पों को बढ़ावा
- टिकाऊ ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
- भारत की ग्रीन इकॉनमी ट्रांजिशन को समर्थन
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ समझौता
एमओयू पर हस्ताक्षर मानस दास, वीपी (BD, STU, Commercial and BIS), Mahanagar Gas Limited और जय कुमार वाघेला, सीईओ (Distributed Business), Fourth Partner Energy Pvt. Ltd. द्वारा किए गए।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
- प्रवीर कुमार श्रीवास्तव – प्रबंध निदेशक, MGL
- अजय सिन्हा – उप प्रबंध निदेशक, MGL
- सैफ धोराजीवाला – सह-संस्थापक एवं ईडी, FPEL
MGL ने ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो विस्तार पर दिया जोर
प्रवीर कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह साझेदारी MGL की स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो को मजबूत करने और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
MGL की रणनीति
- स्वच्छ ईंधन से आगे बढ़कर ग्रीन एनर्जी समाधान देना
- ग्राहकों को कार्बन फुटप्रिंट कम करने में मदद
- पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा विकल्पों को बढ़ावा
- दीर्घकालिक सतत विकास को समर्थन
भारत में तेजी से बदल रहा है ऊर्जा परिदृश्य
सैफ धोराजीवाला ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र तेजी से डीकार्बोनाइजेशन की ओर बढ़ रहा है और भारतीय कंपनियां अब पारंपरिक ग्रिड आधारित मॉडल से हटकर इंटीग्रेटेड एनर्जी पोर्टफोलियो अपना रही हैं।
नई ऊर्जा व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं
- रिन्यूएबल पावर का बढ़ता उपयोग
- बैटरी स्टोरेज समाधान
- फ्लेक्सिबल ऊर्जा प्रोक्योरमेंट
- एडवांस एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम
- कम कार्बन उत्सर्जन आधारित मॉडल
भारत की ग्रीन इकॉनमी को मिलेगा समर्थन
यह साझेदारी भारत के स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन न्यूट्रल लक्ष्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में ग्रीन एनर्जी समाधान की बढ़ती मांग आने वाले वर्षों में ऐसे सहयोगों को और महत्वपूर्ण बनाएगी।
