SAIL-बोकारो स्टील प्लांट का ग्रीन स्टील की ओर बड़ा कदम, हाइड्रोजन इंजेक्शन प्रोजेक्ट शुरू

Steel Authority of India Limited के Bokaro Steel Plant ने हाइड्रोजन इंजेक्शन प्रोजेक्ट शुरू कर ग्रीन स्टील की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस पहल से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और स्वच्छ स्टील उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

Steel Authority of India Limited (SAIL) के Bokaro Steel Plant (BSL) ने सतत और पर्यावरण अनुकूल स्टील उत्पादन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्लांट ने ब्लास्ट फर्नेस नंबर-1 में हाइड्रोजन गैस इंजेक्शन शुरू करने के लिए Forbes Marshall Private Limited के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है।

इस समझौते को निदेशक प्रभारी Priya Ranjan और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अंतिम रूप दिया गया।

ग्रीन स्टील की दिशा में ऐतिहासिक पहल

यह परियोजना स्टील उत्पादन में कार्बन उत्सर्जन को कम करने और स्वच्छ तकनीकों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

यह पहल भारत सरकार के National Green Hydrogen Mission और वैश्विक डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों के अनुरूप है।

हाइड्रोजन से होगा प्रदूषण में कमी

इस प्रोजेक्ट के तहत पारंपरिक कार्बन-आधारित ईंधन की जगह आंशिक रूप से हाइड्रोजन का उपयोग किया जाएगा, जो एक स्वच्छ और अधिक प्रभावी विकल्प है।

चूंकि ब्लास्ट फर्नेस स्टील उत्पादन में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के बड़े स्रोत होते हैं, इसलिए यह बदलाव पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

तकनीकी सहयोग और वैश्विक विशेषज्ञता

इस परियोजना में Research and Development Centre for Iron and Steel (RDCIS) मुख्य सलाहकार की भूमिका निभा रहा है, जबकि तकनीकी मार्गदर्शन Primetals Technologies द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

वैश्विक स्तर पर अनूठी पहल

बोकारो स्टील प्लांट में प्रस्तावित हाइड्रोजन इंजेक्शन का स्तर दुनिया में सबसे बड़े प्रयासों में से एक माना जा रहा है। यह पहल स्टील उद्योग में एक नई मिसाल कायम कर सकती है।

SAIL की स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता

निदेशक प्रभारी ने इस अवसर पर कहा कि यह परियोजना SAIL की नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन से कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी और बोकारो स्टील प्लांट ग्रीन स्टील उत्पादन में अग्रणी बन सकता है।

लो-कार्बन भविष्य की ओर कदम

यह सहयोग SAIL के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें वह अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाकर कम-कार्बन भविष्य की दिशा में योगदान दे रहा है।

यह पहल न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्टील उद्योग के लिए भी एक नया मानक स्थापित कर सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *