Oil India Limited और कनाडा की PTRC में समझौता, CCUS और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों पर होगा सहयोग

ऑयल इंडिया लिमिटेड ने कनाडा की PTRC के साथ CCUS, जियोथर्मल ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों और स्टार्टअप नवाचार के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता किया है। यह साझेदारी कार्बन प्रबंधन, ऊर्जा संक्रमण, उन्नत तेल पुनर्प्राप्ति तकनीकों और नई ऊर्जा परियोजनाओं के विकास को बढ़ावा देगी।

कार्बन कैप्चर, जियोथर्मल ऊर्जा और क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मिलकर करेंगे अनुसंधान

Oil India Limited (ओआईएल) ने कनाडा के सस्केचेवान प्रांत की ऊर्जा अनुसंधान संस्था Petroleum Technology Research Centre (PTRC) के साथ कार्बन कैप्चर, उपयोग एवं भंडारण (CCUS), जियोथर्मल ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों और स्टार्टअप नवाचार के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक रणनीतिक सहयोग ढांचा (Collaboration Framework) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह समझौता कनाडा के कैलगरी में आयोजित वैश्विक ऊर्जा सम्मेलन Global Energy Show 2026 के दौरान संपन्न हुआ। इस अवसर पर सस्केचेवान के प्रीमियर Scott Moe, कनाडा में भारत के उच्चायुक्त, PTRC के CEO, ऑयल इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) तथा दोनों संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

CCUS और कार्बन प्रबंधन पर रहेगा विशेष फोकस

इस सहयोग के तहत दोनों संस्थाएं कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के उपयोग और स्थायी भंडारण से जुड़ी तकनीकों पर संयुक्त रूप से कार्य करेंगी।

सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • भूगर्भीय संरचनाओं में CO₂ का स्थायी भंडारण (Geological Sequestration)
  • खनिजीकरण (Mineralization) आधारित कार्बन भंडारण तकनीकें
  • कार्बन कैप्चर के बाद CO₂ का औद्योगिक उपयोग
  • कम कार्बन उत्सर्जन वाली ऊर्जा प्रणालियों का विकास

तेल एवं गैस उत्पादन को अधिक टिकाऊ बनाने पर जोर

समझौते के तहत दोनों संस्थाएं तेल एवं गैस उत्पादन में पर्यावरणीय प्रभाव कम करने के लिए उन्नत Enhanced Oil Recovery (EOR) तकनीकों पर भी सहयोग करेंगी।

इन तकनीकों का उद्देश्य:

  • उत्पादन दक्षता बढ़ाना
  • ऊर्जा खपत कम करना
  • कार्बन उत्सर्जन घटाना
  • मौजूदा तेल क्षेत्रों से अतिरिक्त उत्पादन प्राप्त करना

होगा।

जियोथर्मल ऊर्जा परियोजनाओं की संभावनाओं का होगा अध्ययन

ऑयल इंडिया और PTRC संभावित जियोथर्मल परियोजनाओं की पहचान कर संयुक्त अध्ययन एवं भागीदारी की संभावनाओं का मूल्यांकन करेंगे।

भारत में स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के विस्तार और ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) के संदर्भ में जियोथर्मल ऊर्जा को भविष्य के महत्वपूर्ण विकल्पों में माना जा रहा है।

भूमिगत ऊर्जा और भंडारण पर संयुक्त अनुसंधान

दोनों संस्थान PTRC के Energy Innovation Hub Laboratory और ऑयल इंडिया की विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए भूमिगत ऊर्जा उत्पादन एवं ऊर्जा भंडारण से संबंधित अनुसंधान परियोजनाओं पर मिलकर कार्य करेंगे।

यह सहयोग ऊर्जा सुरक्षा, कार्बन प्रबंधन और नई ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

स्टार्टअप नवाचार को भी मिलेगा बढ़ावा

समझौते के तहत दोनों पक्ष पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संरक्षण में संचालित स्टार्टअप प्लेटफॉर्म mc2+ के माध्यम से भी सहयोग करेंगे।

इस पहल का उद्देश्य:

  • ऊर्जा क्षेत्र के स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन
  • नई तकनीकों का विकास
  • अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा
  • उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करना

है।

भारत की ऊर्जा संक्रमण रणनीति को मिलेगा समर्थन

यह सहयोग ऐसे समय में हुआ है जब भारत 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्बन प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा तथा उन्नत ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर तेजी से कार्य कर रहा है।

ऑयल इंडिया और PTRC के बीच यह साझेदारी भारत-कनाडा ऊर्जा सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन न्यूनीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर सकती है।