ONGC का FY26 में मजबूत प्रदर्शन, ₹49,793 करोड़ का मुनाफा; Deepwater Exploration और Green Energy पर बड़ा दांव

नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख ऊर्जा कंपनी ONGC ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत समेकित वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी की Corporate Presentation के अनुसार, ONGC Group का Profit After Tax (PAT) बढ़कर ₹49,793 करोड़ पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह ₹38,329 करोड़ था। यानी एक साल में समूह के शुद्ध लाभ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

FY26 में ONGC Group का Revenue from Operations ₹6,62,247 करोड़ रहा। इसी अवधि में EBITDA बढ़कर ₹1,15,476 करोड़ पहुंच गया, जो FY25 में ₹1,01,254 करोड़ था। समूह की कुल आय करीब ₹6,74,604 करोड़ रही। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के साथ कंपनी ने अपने ऋण स्तर और वित्तीय अनुपातों में भी सुधार दर्ज किया।

कर्ज घटा, वित्तीय स्थिति हुई मजबूत

ONGC Group का कुल ऋण FY26 में घटकर ₹1,42,055 करोड़ रह गया, जबकि FY25 में यह ₹1,53,556 करोड़ था। इसी तरह Debt-to-Equity Ratio 0.41 से घटकर 0.35 और Debt-to-EBITDA Ratio 1.52 से घटकर 1.23 हो गया। इससे कंपनी की बैलेंस शीट में सुधार और वित्तीय अनुशासन का संकेत मिलता है।

घरेलू तेल-गैस उत्पादन में 64.4% योगदान

तेल एवं गैस उत्पादन के मोर्चे पर ONGC Group ने विदेशी परिसंपत्तियों और संयुक्त उपक्रमों सहित FY26 में 50.1 MMToE उत्पादन दर्ज किया। कंपनी के अनुसार, घरेलू तेल एवं गैस उत्पादन में ONGC Group का योगदान 64.4 प्रतिशत रहा। कंपनी के अनुमानित 2P तेल एवं तेल-समतुल्य गैस भंडार 1,228 MMToE हैं।

उत्पादन बढ़ाने के लिए ONGC अब Technology Service Provider (TSP) मॉडल, Advanced Drilling, AI-based Reservoir Optimization, Predictive Maintenance और Advanced Recovery Techniques पर जोर दे रही है। Western Offshore के लिए TSP-2 कॉन्ट्रैक्ट भी दिया जा चुका है और Mumbai High में TSP-1 के बाद इस मॉडल का अन्य क्षेत्रों तक विस्तार किया जा रहा है।

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FY27 में ₹30,000 करोड़ का Capex

भविष्य की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए ONGC ने FY27 में ₹30,000 करोड़ के Capex की योजना बनाई है। इसमें Development Drilling, Capital Projects, Survey, Exploratory Drilling, R&D, Non-operated JVs और Integration Projects शामिल हैं।

Deepwater Exploration भी कंपनी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ONGC ने FY27 में 8 और FY28 में 10 Deepwater Wells की योजना बनाई है। FY30 तक Onshore और Offshore क्षेत्रों में 350 से अधिक Exploratory Wells की योजना है। ‘Samudra Manthan’ अभियान के तहत FY31 तक 87 Deepwater और Ultra-Deepwater Wells का लक्ष्य रखा गया है।

Green Energy में 10 GW का लक्ष्य

ONGC पारंपरिक Hydrocarbon Business के साथ Green Energy पर भी निवेश बढ़ा रही है। कंपनी ने 2030 तक करीब 10 GW Renewable Energy Capacity हासिल करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान Renewable Portfolio 2.853 GW बताया गया है। साथ ही Scope 1 और Scope 2 Emissions के लिए 2038 तक Net Zero लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

ONGC की सहायक कंपनियों ने भी FY26 के प्रदर्शन में योगदान दिया। HPCL ने 51.45 MMT की रिकॉर्ड Market Sales और 26.04 MMT का Highest Refinery Throughput दर्ज किया। MRPL का Refinery Throughput 17 MMT रहा, जबकि OPaL ने ₹1,207 करोड़ EBITDA के साथ EBITDA Positive प्रदर्शन किया।

कुल मिलाकर, ONGC की रणनीति अब पारंपरिक तेल-गैस कारोबार से आगे बढ़कर Deepwater Exploration, Technology-led Production और Renewable Energy के संतुलित विस्तार पर केंद्रित दिखाई देती है। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कंपनी की भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है।

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