सरकारी स्टील कंपनी Steel Authority of India Limited (SAIL) के शेयरों में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर 13.34% उछलकर ₹199.58 तक पहुंच गया। निवेशकों की यह खरीदारी मुख्य रूप से Q4 FY26 रिजल्ट्स और संभावित फाइनल डिविडेंड घोषणा की उम्मीदों के कारण बढ़ी। हालांकि, बढ़ती कोकिंग कोल लागत और ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।
डिविडेंड उम्मीदों से SAIL शेयर में तेजी
SAIL के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 15 मई 2026 को होने वाली है, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अंतिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा। इसी उम्मीद ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है।
कंपनी के शेयर में भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम भी देखने को मिला। करीब 147.86 मिलियन शेयरों का कारोबार हुआ, जो अप्रैल 2024 के बाद सबसे अधिक है। यह आंकड़ा पिछले 20 दिनों के औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम से कई गुना ज्यादा रहा।
भारतीय स्टील सेक्टर में मजबूत मांग
भारत का स्टील सेक्टर इस समय इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों के कारण मजबूत मांग का फायदा उठा रहा है। अप्रैल 2026 में घरेलू स्टील मांग में 8.1% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
SAIL ने पिछले एक साल में करीब 72% का रिटर्न दिया है। कंपनी 2030 तक अपनी उत्पादन क्षमता 35.65 MTPA तक बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है, जो राष्ट्रीय स्टील नीति के अनुरूप है।
Tata Steel और JSW Steel से तुलना
SAIL का P/E रेशियो लगभग 27-32 के बीच है, जो Tata Steel की तुलना में अधिक माना जा रहा है। Tata Steel का P/E लगभग 14-28 के बीच है, जबकि JSW Steel का P/E 40 के करीब है।
विश्लेषकों का मानना है कि SAIL घरेलू स्टील कीमतों में वृद्धि का बेहतर फायदा उठा सकती है, लेकिन इसका ऊंचा वैल्यूएशन निवेशकों के लिए जोखिम भी बढ़ाता है।
बढ़ती कोकिंग कोल कीमतों से दबाव
स्टील कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती कोकिंग कोल की बढ़ती कीमतें बनी हुई हैं। कोकिंग कोल उत्पादन लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है और इसकी कीमतों में तिमाही आधार पर करीब ₹1,500 प्रति टन की बढ़ोतरी हुई है।
इस लागत दबाव से SAIL के प्रॉफिट मार्जिन पर असर पड़ सकता है। हालांकि, सरकार द्वारा लगाए गए 12% सेफगार्ड ड्यूटी से घरेलू स्टील कीमतों को समर्थन मिला है।
Q4 FY26 रिजल्ट्स पर रहेगी नजर
विश्लेषकों के अनुसार SAIL का Q4 FY26 राजस्व ₹30,000 करोड़ से ₹33,000 करोड़ के बीच रह सकता है, जबकि PAT ₹600 करोड़ से ₹1,000 करोड़ के बीच अनुमानित है।
मार्केट अब कंपनी के डिविडेंड ऐलान, लागत प्रबंधन और भविष्य की ग्रोथ रणनीति पर नजर बनाए हुए है।
