RINL के रिटायर्ड कर्मचारियों का विरोध: PRMS बहाली और मेडिकल सुविधाओं की मांग तेज

RINL रिटायर्ड कर्मचारियों का विरोध: PRMS बहाली और मेडिकल फंड बनाने की मांग तेज

राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के सेवानिवृत्त अधिकारियों ने पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल स्कीम (PRMS) को बंद किए जाने, ग्रुप मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी (GMIP) में देरी और अचानक किए गए बदलावों पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने सरकार के डीपीई (DPE) दिशानिर्देशों के पालन न होने का भी आरोप लगाया है।

सेवानिवृत्त अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला प्रशासनिक मनमानी, वित्तीय कुप्रबंधन और कानूनी व संवैधानिक दायित्वों का उल्लंघन है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले ‘स्वास्थ्य के अधिकार’ के खिलाफ बताया है।

रिटायर्ड स्टील एग्जीक्यूटिव्स एसोसिएशन (RSEA) द्वारा RINL के CMD को भेजे गए विस्तृत ज्ञापन में कई अहम मांगें रखी गई हैं। इन मांगों में PRMS को तुरंत बहाल करना, अनिवार्य मेडिकल कोष (मेडिकल कॉर्पस फंड) का निर्माण, स्कीम वापस लेने की स्थिति में कर्मचारियों के योगदान की वापसी, और नीतिगत फैसलों में पारदर्शिता व निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए परामर्श तंत्र स्थापित करना शामिल है।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने यह भी मांग की है कि भविष्य में ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले संबंधित हितधारकों से चर्चा की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा और असंतोष से बचा जा सके।

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